Uttarakhand

उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक — स्वास्थ्य, भूमि, उद्योग, जनजाति कल्याण, भू-जल, शिक्षा और ग्रीन हाइड्रोजन नीति से जुड़े कई अहम निर्णय

राज्य सरकार ने लिए 8 बड़े फैसले — स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रांसफर की छूट, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सरल, भू-जल पर शुल्क लागू, नया निजी विश्वविद्यालय, हरित हाइड्रोजन नीति को मंजूरी

देहरादून, जनवरी 2026 (सू.वि.)
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, उद्योग, जनजाति कल्याण, शिक्षा, जल प्रबंधन, ऊर्जा और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर ठोस फैसले लिए गए।


1️⃣ स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को जिला परिवर्तन की अनुमति

कैबिनेट ने निर्णय लिया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में कम से कम 5 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी की हो, उन्हें सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति (Mutual Understanding) के आधार पर जिला परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी।
यह निर्णय स्वास्थ्यकर्मियों के मनोबल और कार्यक्षमता को बढ़ाने में सहायक होगा।


2️⃣ भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया होगी सरल — आपसी समझौते का मॉडल

राज्य में परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में लगने वाले समय और विवादों को कम करने के लिए कैबिनेट ने “आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया” को मंजूरी दी है।
अब भू-स्वामी और राज्य सरकार के बीच पारदर्शी समझौते के माध्यम से भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
इससे मुकदमेबाजी कम होगी और लोकहित परियोजनाओं की लागत घटेगी तथा समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।


3️⃣ सिडकुल को मिली प्राग फार्म भूमि — संशोधित शर्तों के साथ

उधमसिंहनगर के प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए सिडकुल को हस्तांतरित किया गया है।
कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि यह भूमि किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन को बेची या पट्टे पर नहीं दी जा सकेगी।
हालांकि, राजस्व विभाग की सहमति से समान प्रयोजन हेतु उप-पट्टा (Sub-Lease) की अनुमति दी गई है।
साथ ही, आवंटन के 3 वर्ष के भीतर भूमि का उपयोग अनिवार्य होगा, अन्यथा आवंटन स्वतः निरस्त माना जाएगा।


4️⃣ जनजाति कल्याण विभाग में नई संरचना

कैबिनेट ने अनुसूचित जनजाति बहुल जनपद देहरादून, चमोली, उधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में चार जिला जनजाति कल्याण अधिकारी के पदों के सृजन को स्वीकृति दी।
यह निर्णय विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी को मजबूत करेगा।
साथ ही, इसके लिए उत्तराखंड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 को भी अनुमोदित किया गया।


5️⃣ भू-जल दोहन पर शुल्क लागू

राज्य में गैर-कृषिकारी उपयोगों — जैसे उद्योग, होटल, वॉटर पार्क, वाहन धुलाई केंद्र, आवासीय अपार्टमेंट, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, स्वीमिंग पूल आदि — के लिए भू-जल निकासी पर जल मूल्य/प्रभार की नई दरें लागू की गई हैं।
यह कदम भू-जल के संतुलित उपयोग और संरक्षण के उद्देश्य से उठाया गया है।
अब पंजीकरण शुल्क ₹5000/- होगा और दरें क्षेत्र की संवेदनशीलता (सुरक्षित, अर्ध-गंभीर, गंभीर, अतिदोहित) के अनुसार निर्धारित की जाएंगी।


6️⃣ नया निजी विश्वविद्यालय — जी.आर.डी. उत्तराखंड विश्वविद्यालय को मंजूरी

राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने “जी.आर.डी. उत्तराखंड विश्वविद्यालय” की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है।
यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में नवाचार, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, अनुसंधान और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के उत्थान पर केंद्रित रहेगा।
सरकार का लक्ष्य राज्य में निजी भागीदारी के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच बढ़ाना है।


7️⃣ सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हवाई पट्टियों का लीज पर हस्तांतरण

कैबिनेट ने उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्रालय को लीज के आधार पर हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है।
ये हवाई पट्टियाँ सिविल और मिलिट्री दोनों प्रयोजनों के लिए संयुक्त रूप से उपयोग की जाएंगी।
यह निर्णय सामरिक दृष्टि से प्रदेश की रक्षा तैयारियों और कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।


8️⃣ “उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए “उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” को मंजूरी दी है।
यह नीति भारत सरकार की राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन नीति (2022) और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (2023) के अनुरूप तैयार की गई है।

मुख्य उद्देश्य:

  • नेट ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में प्रगति
  • स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन
  • राज्य के जलविद्युत संसाधनों का उपयोग हरित हाइड्रोजन उत्पादन में
  • रोजगार और निवेश को बढ़ावा

उत्तराखंड सरकार का यह कदम राज्य को ग्रीन एनर्जी और जलवायु परिवर्तन मिशन में अग्रणी बनाएगा।


समापन:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कैबिनेट बैठक “विकसित उत्तराखंड 2030” के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और औद्योगिक नीतियों में लिए गए ये निर्णय राज्य के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास को नई दिशा देंगे।

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