दून में महिला डॉक्टर से मारपीट, सर्जन पति समेत ससुराल पक्ष पर केस

देहरादून:
देहरादून दून अस्पताल में कार्यरत एक महिला चिकित्सक ने अपने सर्जन पति समेत सास और ससुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया है। महिला डॉक्टर ने उन्हें जमीन पर पटकने, गला दबाने के प्रयास जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता डॉ. आसना पंत ने बताया कि उन्होंने हल्द्वानी स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की, जहां उनकी मुलाकात डॉ. प्रशांत ओली से हुई। पढ़ाई के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इंटर्नशिप के बाद उनकी तैनाती रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल और बाद में बीडी पांडेय अस्पताल, नेनीताल में हुई, जहां वे पीजी में रह रही थीं।
डॉ. पंत के मुताबिक, इस दोरान डॉ. प्रशांत के पिता प्रदीप ओली बिना सूचना कई बार उनके ठिकाने पर पहुंच जाते थे जिससे वे असहज थीं। इस बात की जानकारी उन्होंने प्रशांत को दी जिन्होंने स्थिति संभालने का भरोसा दिया।
बाद में डॉ. पंत का चयन दून मेडिकल कॉलेज में हुआ और 22 फरवरी 2023 को दोनों की शादी हो गई। आरोप है कि शादी के बाद से ही सास हंसलता ओली का व्यवहार बदल गया और दहेज की मांग शुरू हो गई। ताने दिए गए कि दहेज में कार तक नहीं दी गई। पीड़िता का कहना है कि दबाव में आकर उनके पिता ने 10 लाख रुपये का चेक भी दिया। जिसे डॉक्टर दंपती के जॉइंट अकाउंट में जमा किया गया।
डॉ. पंत ने यह भी बताया कि 3 मार्च 2025 को ऑपरेशन के जरिए उनकी डिलीवरी हुई। इसके कुछ समय बाद, 25 मई को वे अपने नवजात के साथ देहरादून आ गईं। आरोप है कि 19 अगस्त 2025 को उनके पति ने उनके साथ मारपीट की, जो उनकी मां के सामने हुई। उन्हें जमीन पर पटका गया और गला दबाने की कोशिश भी की गई। परिवार की ओर से समझौते की कोशिशें भी नाकाम रहीं।
यहां तक कि मार्च 2025 में सिजेरियन डिलीवरी के खर्चों को लेकर भी उसे ताने दिए गए। कोतवाल हरिओम चौहान ने बताया कि शिकायत के आधार पर डॉ. प्रशांत ओली (निवासी कालाढूंगी रोड, हल्द्वानी), उनके पिता प्रदीप ओली और माता हंसलता ओली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।



