Uttarakhand

फर्जी हस्ताक्षर कर विद्यालय खाते से निकाले ₹2 लाख! रुद्रप्रयाग के इंटर कॉलेज में वित्तीय घोटाले के आरोप

रुद्रप्रयाग:

Rudraprayag के जखोली विकासखंड स्थित एक इंटरमीडिएट कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय के निवर्तमान प्रबंधक ने प्रभारी प्रधानाचार्य के फर्जी हस्ताक्षर कर विद्यालय के खाते से 2 लाख रुपये से अधिक की धनराशि निकाल ली। मामले में रिकॉर्ड में हाथ से बनाए गए संदिग्ध बिल लगाने के भी आरोप लगे हैं।

हालांकि, निवर्तमान प्रबंधक ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है।

बिना बैठक और अनुमति निकाली गई रकम

आरोपों के अनुसार अक्टूबर 2025 में बिना किसी बैठक, प्रस्ताव या प्रबंध समिति की अनुमति के विद्यालय निधि से लाखों रुपये निकाले गए। नियमों के मुताबिक किसी भी अशासकीय विद्यालय में वित्तीय निकासी के लिए प्रबंध समिति का प्रस्ताव और प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं।

हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में विद्यालय की प्रबंध समिति भंग है और खंड शिक्षा अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया है। इसके बावजूद वित्तीय लेन-देन किए जाने पर सवाल खड़े हो गए हैं।

चार साल से नहीं भरी गई कैशबुक

मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2022 से अब तक विद्यालय की कैशबुक तक नहीं भरी गई है। यानी चार वर्षों के आय-व्यय का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इससे विद्यालय के वित्तीय प्रबंधन और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

प्रभारी प्रधानाचार्य ने लगाए गंभीर आरोप

प्रभारी प्रधानाचार्य Rajpal Singh ने कहा कि उन्हें इस निकासी की जानकारी तक नहीं थी और उनके फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से रकम निकाली गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय निवासी Praveen Singh ने आरोप लगाया कि विद्यालय बच्चों के भविष्य का केंद्र होता है, लेकिन यहां शिक्षा की जगह पैसों का खेल चल रहा है। बिना बैठक और बिना पारदर्शिता लाखों रुपये निकाल दिए गए।

अभिभावकों और ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

निवर्तमान प्रबंधक ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं निवर्तमान प्रबंधक Darshan Singh Bisht ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि खर्च से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं।

शिक्षा विभाग ने कही कार्रवाई की बात

मुख्य शिक्षा अधिकारी Ajay Kumar Chaudhary ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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