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निवेश में ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर 69.90 लाख की साइबर ठगी, आरोपी गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार

फेसबुक विज्ञापन के जरिए पीड़ित को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई रकम; आईफोन, सिम और बैंक दस्तावेज बरामद

देहरादून: निवेश के नाम पर 69.90 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम ने एक आरोपी को गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मुनिन्द्र भाटी के रूप में हुई है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और फिलहाल ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रॉन-1 स्थित एचआईजी अपार्टमेंट में परिवार के साथ रह रहा था।

फेसबुक विज्ञापन के जरिए बनाया निशाना

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में देहरादून निवासी हनी सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, फेसबुक पर Anand Rathi Shares And Stock Brokers Limited से संबंधित एक निवेश विज्ञापन के माध्यम से उनसे संपर्क किया गया। इसके बाद उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर अधिक मुनाफे का लालच दिया गया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई।

शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से मिला सुराग

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देश पर टीम गठित की गई। जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।

जांच में सामने आया कि कोटक बैंक के एक खाते में साइबर ठगी से जुड़ी करीब 10 लाख रुपये की रकम पहुंची थी। बैंक खाते और उससे जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी का तकनीकी विश्लेषण करने के बाद पुलिस को आरोपी के गौतमबुद्धनगर में होने का सुराग मिला।

ग्रेटर नोएडा से दबिश देकर गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी की तलाश की। जांच में पता चला कि मुनिन्द्र भाटी अपने मूल पते पर न रहकर ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रॉन-1 स्थित एचआईजी अपार्टमेंट में परिवार के साथ रह रहा था। इसके बाद टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

आईफोन और बैंक दस्तावेज बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आईफोन-13, दो सिम कार्ड, आधार कार्ड और कोटक बैंक का खाली चेक बरामद करने की जानकारी दी है। आरोपी के मोबाइल फोन और बैंक खातों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

अन्य आरोपियों और नेटवर्क की तलाश

एसटीएफ के अनुसार, साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। पूछताछ में आरोपी से रकम के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस अब ठगी में शामिल अन्य लोगों और पूरे साइबर नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।

एसटीएफ की लोगों से सतर्क रहने की अपील

एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान लोगों या संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक खाते, ओटीपी, मोबाइल या बैंकिंग संबंधी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।

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