रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें रवाना

एसआईटी ने तीन नोटिस के बावजूद बयान देने नहीं पहुंचने पर उठाया कदम, संभावित ठिकानों पर दबिश तेज
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद में पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को जांच के दौरान कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं। वहीं, तीन नोटिस जारी होने के बावजूद गिरधारी लाल साहू के पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचने पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया गया है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें रवाना कर दी हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
एसआईटी प्रमुख जया बलूनी ने बताया कि गिरधारी लाल साहू को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए तीन नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वह देहरादून पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए। इसके बाद उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। उन्होंने जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी किए जाने की बात कही।
पुलिस के अनुसार, एसआईटी मामले से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने गिरधारी लाल साहू की तलाश तेज कर दी है।
अक्टूबर में दर्ज हुई थी एफआईआर
रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अक्टूबर 2026 में सार्वजनिक रूप से सामने आया था। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने पति पर घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, धोखाधड़ी और जान से मारने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
मंत्री ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया था कि उन्हें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें उनके पति किसी अन्य महिला के साथ मिलकर उनकी और उनके बच्चों की हत्या की साजिश रच रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि गिरधारी लाल साहू ने वर्ष 2004 में खुद को अविवाहित बताकर उनसे शादी की थी, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे। इसके अलावा मारपीट, कंपनियों के निदेशक पद से कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए हटाने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने प्राथमिकी निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है। उनका दावा है कि दोनों की शादी को 22 वर्ष हो चुके हैं और उनके बीच पहले कोई मनमुटाव नहीं था। उन्होंने रेखा आर्या के मंत्री बनने के बाद कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है।
हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की कमान जया बलूनी संभाल रही हैं। मंगलवार को नैनीताल हाईकोर्ट में गिरधारी लाल साहू की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई पूरी हुई। याचिका में प्राथमिकी निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई है। अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इस बीच गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है।



