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धामी सरकार का बड़ा फैसला: चौखुटिया बना उप जिला चिकित्सालय केंद्र

देहरादून, 29 दिसम्बर 2025

धामी सरकार का बड़ा फैसला, चौखुटिया बना उप जिला चिकित्सालय केंद्र

उपजिला चिकित्सालय के प्रारम्भिक निर्माण कार्यों के लिये रू० 25 लाख की धनराशि अवमुक्त, 20 चिकित्सकों सहित 53 पदों का सृजन

अल्मोड़ा/चौखुटिया, 29 दिसंबर 2025 |

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और त्वरित क्रियान्वयन ने चौखुटिया अल्मोड़ा को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में एक ऐतिहासिक उपहार दिया है। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए राज्य सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया को उपजिला चिकित्सालय चौखुटिया के रूप में अपग्रेड करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा संख्या 550 एवं 225 को धरातल पर उतारते हुए न केवल 53 नए पदों का सृजन किया गया है, बल्कि भवन विस्तार, क्षमता वृद्धि और आधुनिक सुविधाओं के लिए 25 लाख रुपये की धनराशि भी अवमुक्त करने का शासनादेश जारी कर दिया है। यह निर्णय न केवल स्थानीय ग्रामीणों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सा पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

मानव संसाधन का मजबूत कदम: 53 पदों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की तैनाती

उपजिला चिकित्सालय के सुचारु और प्रभावी संचालन के लिए राज्य सरकार ने कुल 53 पदों का सृजन किया है, जिसमें 42 पद नियमित आधार पर और शेष आउटसोर्स व्यवस्था के तहत भरे जाएंगे। इनमें मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के अलावा 20 चिकित्सकों के पद प्रमुख हैं, जो विभिन्न विशेषताओं से लैस हैं। स्वीकृत पदों में फिजिशियन (आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ), सर्जन (सामान्य शल्य चिकित्सक), बाल रोग विशेषज्ञ (बच्चों के रोगों पर केंद्रित), स्त्री रोग विशेषज्ञ (महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ), नेत्र रोग विशेषज्ञ (आंखों के रोगों के लिए), अस्थि रोग विशेषज्ञ (हड्डी और जोड़ों के विशेषज्ञ), रेडियोलॉजिस्ट (एक्स-रे और इमेजिंग विशेषज्ञ), ईएनटी सर्जन (कान, नाक, गला विशेषज्ञ), पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ (सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधक), जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (जीडीएमओ – सामान्य चिकित्सक), चर्म रोग विशेषज्ञ (त्वचा रोगों के लिए) तथा दंत रोग विशेषज्ञ (दांतों के स्वास्थ्य विशेषज्ञ) जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, पैरामेडिकल स्टाफ के पदों का सृजन भी किया गया है, जिसमें नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य सहायक कर्मचारी शामिल हैं। इससे अस्पताल न केवल आपातकालीन सेवाओं में सक्षम बनेगा, बल्कि दैनिक ओपीडी, सर्जरी, डायग्नोस्टिक टेस्ट और विशेष परामर्श जैसी सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों की तैनाती से क्षेत्रवासी अब हल्द्वानी या देहरादून जैसे दूरस्थ शहरों की यात्रा किए बिना ही उच्च स्तरीय चिकित्सा प्राप्त कर सकेंगे, जो खासकर दुर्गम पर्वतीय इलाकों के लिए वरदान साबित होगा।

क्षमता वृद्धि और आधुनिक सुविधाएं: 25 लाख की धनराशि अवमुक्त, 50 बेड और डिजिटल एक्स-रे

मुख्यमंत्री की घोषणा संख्या 550/2025 के अनुरूप, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया की क्षमता को 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही डिजिटल एक्स-रे मशीन की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी, जो निदान प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाएगी। इस प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 25 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है, जो उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड द्वारा तैयार 87.20 लाख रुपये के अनुमानित बजट के सापेक्ष डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) और प्रारंभिक कार्यों के लिए स्वीकृत है।

शासनादेश में निर्माण कार्यों के लिए सख्त मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। निर्माण से पूर्व कार्यस्थल का निरीक्षण उच्च अधिकारियों और आवश्यकता अनुसार भूगर्भवेत्ता द्वारा किया जाएगा।

निर्माण सामग्री का उपयोग केवल प्रयोगशाला परीक्षण के बाद ही होगा, तथा भूकंपरोधी मानकों (आईएस-1893, आईएस-13920 एवं आईएस-4326) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। भवन की संरचनात्मक सुदृढ़ता का प्रमाण-पत्र अधिकृत संस्था से प्राप्त करना भी बाध्यकारी होगा।

शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि से अधिक व्यय नहीं किया जाएगा और किसी प्रकार का मद परिवर्तन नहीं होगा। टेंडर प्रक्रिया, वित्तीय नियम, बजट मैनुअल, प्रोक्योरमेंट नियम-2025 तथा वित्त विभाग के मितव्ययिता संबंधी आदेशों का पूर्ण पालन किया जाएगा। अवमुक्त धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा, ताकि परियोजना समयबद्ध रूप से पूरी हो सके।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार बताया गया कि “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं को क्रियान्वित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कटिबद्ध है। चौखुटिया को उपजिला चिकित्सालय के रूप में विकसित करने से मानव संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और आधुनिक भवन निर्माण के माध्यम से क्षेत्रीय जनता को अपने द्वार पर ही बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। हमारा उद्देश्य दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य असमानता को समाप्त करना है, ताकि हर नागरिक को समान अवसर प्राप्त हो।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि विभाग मानव संसाधनों का इष्टतम उपयोग कर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को विश्वसनीय और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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