गंगोत्री–यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को, बद्रीनाथ धाम के 23 अप्रैल को खुलेंगे — महाशिवरात्रि पर घोषित होगी केदारनाथ धाम की तिथि
चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियाँ शुरू, श्रद्धालुओं में उत्साह; देवभूमि उत्तराखंड एक बार फिर गूंजेगी ‘जय बद्री-केदार’ के जयकारों से

देहरादून, जनवरी 2026 (सू. ब्यूरो)
देवभूमि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा की तिथियाँ तय हो गई हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त में खोले जाएंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को भक्तों के दर्शन हेतु खुलेंगे।
इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) से होगी, जब परंपरा के अनुसार गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक खुलेंगे। इसी दिन से श्रद्धालुओं की आमद चारधाम मार्गों पर आरंभ हो जाएगी।
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 23 अप्रैल 2026 तय की गई है। यह घोषणा परंपरागत रूप से बसंत पंचमी के अवसर पर पंडा समिति और तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में की गई।
वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का ऐलान महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) को किया जाएगा। परंपरा के अनुसार, यह तिथि ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के बाद घोषित की जाएगी।
चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के उत्तराखंड आने की संभावना है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने यात्रा की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं — मार्गों की मरम्मत, हेलीकॉप्टर सेवाओं की योजना, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
चारधाम — यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ — न केवल उत्तराखंड की धार्मिक पहचान हैं, बल्कि देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक भी हैं।



