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139 हस्तियों को 2025 के पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा

7 पद्म विभूषण, 19 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 23 महिलाएं और 13 मरणोपरांत पुरस्कार शामिल

नई दिल्ली, 25 जनवरी 2025
भारत सरकार ने 2025 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। कुल 139 हस्तियों को उनके क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। इनमें 7 पद्म विभूषण, 19 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। इस वर्ष की सूची में 23 महिलाएं, 10 विदेशी/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई, और 13 मरणोपरांत पुरस्कार विजेता शामिल हैं।

पद्म विभूषण सम्मानित व्यक्ति:
पद्म विभूषण पुरस्कारों में चिकित्सा, कला, साहित्य, व्यापार और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों में योगदान के लिए 7 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया है। इनमें श्री दुर्वुर नागेश्वर रेड्डी (चिकित्सा), न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री जगदीश सिंह खेहर (सार्वजनिक सेवा), और श्रीमती कुमुदिनी राजनिकांत लाखिया (कला) जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।

पद्म भूषण सम्मानित व्यक्ति:
इस श्रेणी में 19 व्यक्तियों को शामिल किया गया है। इनमें श्री पी. आर. श्रीजेश (खेल), श्री जतीन गोस्वामी (कला), और श्री शेखर कपूर (कला) शामिल हैं।

पद्म श्री सम्मानित व्यक्ति:
113 पद्म श्री पुरस्कारों में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया है। इनमें गायक अरिजीत सिंह (कला), श्रीमती राधा बहिन भट्ट (समाज सेवा), और श्री विनोद धाम (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) शामिल हैं।

राष्ट्रपति भवन में सम्मान समारोह
इन पुरस्कारों का वितरण मार्च/अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह के दौरान किया जाएगा। यह समारोह राष्ट्रपति के नेतृत्व में आयोजित होगा, जिसमें देश के प्रतिष्ठित नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा।

भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों की परंपरा
पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं। ये पुरस्कार कला, विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, खेल और समाज सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। पद्म विभूषण उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च कोटि की सेवा के लिए, और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।

निष्कर्ष
2025 के पद्म पुरस्कार विजेता न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से हैं, बल्कि उनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इन पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों की कहानियां न केवल प्रेरणा का स्रोत हैं, बल्कि वे भारत के विकास और विविधता के प्रतीक भी हैं।

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