Uttarakhand

उत्तराखंड में EVM असेसमेंट के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, चुनावी प्रक्रिया को मिलेगा ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप आधार

12 से 16 फरवरी तक ICM में होगा विशेष प्रशिक्षण, राज्यभर के पोलिंग प्वाइंट्स का किया जाएगा मूल्यांकन

देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 12 से 16 फरवरी 2025 तक EVM असेसमेंट (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन मूल्यांकन) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ICM (इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर मैनेजमेंट) में होगा, जिसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप बनाना है।

इस कार्यक्रम में भारत सरकार के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा राज्य स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये प्रशिक्षित अधिकारी सभी जिलों के 42 पोलिंग प्वाइंट्स का मूल्यांकन और निरीक्षण करेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्या होगा खास?

इस प्रशिक्षण के तहत NCCVMRC (नेशनल काउंसिल फॉर वोटिंग मशीन रिसर्च एंड कंट्रोल) द्वारा चुनाव प्रक्रिया के मानकों और उनकी गुणवत्ता पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रो. रेणु लघोरकर और अन्य विशेषज्ञों ने मतदान प्रक्रिया, मशीनों की कार्यप्रणाली, मानवीय संसाधनों की उपलब्धता और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।

भारत सरकार से आए अन्य प्रशिक्षकों ने EVM की तकनीकी क्षमताओं, सुरक्षा मानकों और डाटा प्रबंधन पर प्रकाश डाला। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो और चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित किए जा सकें।

चुनाव प्रक्रिया को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. मनु जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड में EVM प्रणाली की गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से राज्य के चुनावी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।

इसी क्रम में राज्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह मर्तोलिया ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद सभी जिला और राज्य स्तरीय अधिकारी भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर पोलिंग प्वाइंट्स का निरीक्षण करेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि EVM का संचालन उच्चतम सुरक्षा और दक्षता के साथ किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के बाद 42 पोलिंग प्वाइंट्स का होगा निरीक्षण

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उत्तराखंड के 42 पोलिंग प्वाइंट्स का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण के माध्यम से यह परखा जाएगा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की खामी न हो और EVM की कार्यक्षमता पूर्ण रूप से सटीक बनी रहे।

चुनावी प्रक्रिया में तकनीक और सुरक्षा का समावेश

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य EVM की तकनीकी दक्षता, सुरक्षित संचालन और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता को बढ़ाना है। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल चुनाव प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाते हैं बल्कि मतदाताओं का विश्वास भी बढ़ाते हैं।

उत्तराखंड सरकार और चुनाव आयोग के इस संयुक्त प्रयास से राज्य में EVM संचालन और चुनावी प्रक्रिया को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाया जा सके।

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