Uttarakhand
उत्तराखंड में यूसीसी लागू: विवाह, लिव-इन और उत्तराधिकार के लिए नई नियमावली जारी
यूसीसी नियमावली के तहत विवाह पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप और वसीयत आधारित उत्तराधिकार के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया गया।

देहरादून। उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू हो गया है। इसके तहत विवाह पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप, वसीयत आधारित उत्तराधिकार और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए विस्तृत नियमावली जारी की गई है।
यूसीसी के प्रमुख प्रावधान
- दायरा:
यूसीसी का लागू क्षेत्र उत्तराखंड राज्य और राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के निवासियों पर होगा। अनुसूचित जनजातियों को इससे छूट दी गई है। - प्राधिकार:
- ग्रामीण क्षेत्र: एसडीएम रजिस्ट्रार और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।
- शहरी क्षेत्र: नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में एसडीएम रजिस्ट्रार व कार्यकारी अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।
- नगर निगम क्षेत्र: नगर आयुक्त रजिस्ट्रार और कर निरीक्षक सब रजिस्ट्रार होंगे।
- छावनी क्षेत्र: सीईओ रजिस्ट्रार और अधिकृत अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।
रजिस्ट्रार जनरल के कर्तव्य:
यदि रजिस्ट्रार तय समय में कार्रवाई नहीं कर पाते हैं तो मामला ऑटो-फारवर्ड होकर रजिस्ट्रार जनरल के पास जाएगा। अपील के मामलों में 60 दिन के भीतर निर्णय लिया जाएगा।
महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ
- विवाह पंजीकरण:
2010 से लागू तिथि तक के विवाह का पंजीकरण 6 महीने में अनिवार्य। इसके बाद होने वाले विवाहों का पंजीकरण 60 दिन में करना होगा। - लिव-इन रिलेशनशिप:
पहले से मौजूद लिव-इन का पंजीकरण एक महीने में अनिवार्य। नई लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण उसी समय सीमा में करना होगा। - वसीयत:
वसीयत पोर्टल, हस्तलिखित, या वीडियो फॉर्मेट में दर्ज की जा सकती है।
यूसीसी की क्रियान्वयन कार्ययोजना:
- ऑनलाइन पोर्टल: ucc.uk.gov.in
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): प्रशिक्षण केंद्र के रूप में।
- नोडल अधिकारी: जिलों में नियुक्त।
- हेल्पडेस्क: 1800-180-2525 पर उपलब्ध।
- जागरूकता: शॉर्ट वीडियो और बुकलेट्स तैयार।
यूसीसी की यात्रा:
- 27 मई 2022: विशेषज्ञ समिति का गठन।
- 02 फरवरी 2024: विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत।
- 08 फरवरी 2024: विधानसभा द्वारा अधिनियम पारित।
- 12 मार्च 2024: भारत के राष्ट्रपति से अनुमोदन।
- 18 अक्टूबर 2024: नियमावली प्रस्तुत।
- 27 जनवरी 2025: यूसीसी लागू।
इस कदम का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।